Stock Market Trading क्या होता है ?

ट्रेडिंग क्या है

स्टॉक मार्किट में पैसा लगाने वाले लोग केवल दो तरह के होते है | पहले होते है वह लोग जो Investor होते है लम्बी अवधी के लिए पैसा लगाते है और शेयर्स को सालो -साल अपने पास रखते है और दुसरी होते है Traders जो केवल कुछ समय तक ही शेयर्स को होल्ड पे रखते है और कभी कभी तो सिर्फ 5 -10 mins के लिए ही और फिर उन्हें बेचकर मुनाफा कमाते है | तो आज हम जानेगे की स्टॉक मार्किट ट्रेडिंग क्या है ?क्या इससे सचमुच पैसा बनता है क्यों ज्यादातर लोग इसमें नुक्सान ही  करते है | आइये विस्तार में जानते है |

ट्रेडिंग क्या है (What is Trading in Hindi)?

स्टॉक मार्किट ट्रेडिंग क्या है ?“ट्रेडिंग”  शब्द का अर्थ है होता है व्यापार “एक वस्तु का दूसरे के लिए आदान-प्रदान”  हममें से अधिकांश लोगों ने अपने रोजमर्रा के जीवन में  कई बार कारोबार करते है ,हालांकि हमे यह ज्ञात नहीं  होता कि हमने ऐसा भी कुछ किया है। इसी प्रकार हम हर दिन कई बार ट्रेड करते है जैसा कि हम सामान के बदले पैसे देते है और ठीक उसी प्रकार दुकानदार  हमे पैसो के बदले सामान देता है यह कुछ और नहीं ट्रेडिंग ही है |

Stock Trading का मतलब क्या है ?

जैसा की हमने देखा की ट्रेडिंग का अर्थ होता है -“एक वस्तु का दूसरे के लिए आदान-प्रदान” जैसे कि एक दुकानदार मुनाफा कमाने के लिए वस्तुओ को सस्ते में खरीदकर थोड़ा ज्यादा दाम लगाकर उन्ही वस्तुओ को ग्राहक को बेच देता है |

ठीक इसी प्रकार एक निवेशक Stock Market में शेयर्स खरीदता है तो उसका मुख्य उद्देश्य होता है, उन शेयर्स के दाम बढ़ने पर उन्हें बेचकर लाभ कमाया जा सके ,यही सोचकर एक निवेशक Stock Market में शेयर खरीदता है और बेचता है तो यह स्टॉक मार्किट ट्रेडिंग कहलाता है |

Stock Market में ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है ?

Stock market में ट्रेडिंग जल्दी पैसे कमाने का एक तरीका है जो की Investing के मुकाबले काफी जोख़िम भरा भी है क्योँकि इसमें निवेशक हमेशा मौके की तलाश में रहते है और अपने सौदे का दाम बढ़ने का इंतज़ार करते है और फिर दाम बढ़ने पर उसे बेच देता है | स्टॉक मार्किट में ट्रेडिंग 3 प्रकार की होती है और इनमे ही निवेशक ट्रेड करते है |

Intraday Trading

ऐसे ट्रेड जिन्हे एक दिन के अंतराल में ही पूरा कर लिया जाता है इंट्राडे ट्रेडिंग कहलाता है | जिसमे निवेशक शेयर्स खरीदता है और फिर शाम तक उसे बेच देता है |
शेयर्स के खरीदने और बेचने के बीच का अंतर ही उस निवेशक का मुनाफा तय करता है । निवेशक इंट्राडे ट्रेडिंग में Overnight Position होल्ड नहीं कर सकते | बाजार में इंट्राडे ट्रेडिंग करने का समय सुबह 9:15 बजे से लेकर शाम 3.30 बजे तक का होता है |

इंट्राडे ट्रेडिंग में आपको शाम तक अपना सौदा पूरा करना होता है भले ही आपको फायदा हो या नुक्सान लेकिन आपको अपनी पोजीशन square off अथार्थ बराबर करनी पड़ती है |

इंट्राडे ट्रेडिंग में निवेशक स्टॉक कि मूवमेंट में Price Fluctuations से पैसा बनाते है जैसा की मान लीजिये आपने Bank Nifty के Rs 10 प्रति शेयर वाले 10000 शेयर्स ख़रीदलिये तो इस तरह आपका Rs 1 लाख का हो गया और जैसे ही उस शेयर प्राइस Rs 11 प्रति शेयर हुआ जिसका मतलब Rs 110000 हुआ तो आपने शेयर्स को बेच दिया यहाँ पर खरीदने और बेचने का अंतर Rs 10,000 यही आपका मुनाफा है |

ठीक इसी प्रकार लोग इंट्राडे ट्रेडिंग में पैसे बनाते है लेकिन ज्यादातर लोग इसमें केवल नुक्सान ही करते है | हालांकि सफ़ल ट्रेडर्स को भी नुकसान करते है लेकिन उनके नुकसान की भरपाई उनका मुनाफा कर देता है | इंट्राडे ट्रेडिंग में ब्रोकर्स मार्जिन मनी की सुविधा देते है जिसका मतलब अगर आपके पास केवल 10 हज़ार ही है तब भी आप Rs 1 Lakh तक का ट्रेड ले सकते है |

Scalper Trading

ऐसे ट्रेड जिसमे शेयर्स खरीदने के 5-10 मिनट के अंदर ही उन्हें बेच दिया जाता है स्कैल्पर ट्रेडिंग कहलाता है इसमें निवेशक किसी कानून के आने या किसी आर्थिक जगत की न्यूज़ आने पर मार्किट Volatility का फायदा उठाने की कोशिश करते है और ज्यादा से ज्यादा शेयर्स खरीदकर उन्हें थोडा मुनाफा देखकर तुरंत बेच देने का प्रयास करते है |स्कैल्पर ट्रेडिंग में इंट्राडे की तरह ही मुनाफा कमाया जाता है जो काफी risk से भरा होता है |

Swing Trading

ऐसे ट्रेड जिन्हे आप कुछ दिनों ,हफ्तों यहाँ तक कि कुछ महीनो तक लेकर जा सकते है स्विंग ट्रेडिंग कहलाते है | ये निवेशक स्टॉक मार्केट चार्ट के Technical Analysis और Fundamental Analysis दोनों द्वारा तय किए गए मूल्य रुझानों पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

स्विंग ट्रेडिंग में आप Overnight Position लेकर जा सकते है जबकि इंट्राडे और स्कैल्प ट्रेडिंग में आप ऐसा नहीं कर सकते है | स्विंग ट्रेडिंग में निवेशक साप्ताहिक रूप से लाभ अर्जित करके उसको बड़े लाभ में बदल देता है | स्विंग ट्रेडिंग में इंट्राडे और स्कैल्प ट्रेडिंग के मुकाबले कम जोखिम होता है |कई बार बंद बाजार में आई हुईं अच्छी खबर या बुरी की वजह से अगले दिन बाजार बहुत ऊपर या नीचे खुलता है | उसी वजह से इसमें Overnight risk का खतरा बना रह्ता है जो की इंट्राडे और स्कलपर ट्रेडिंग में नहीं होता | स्विंग ट्रेडिंग में ब्रोकर मार्जिन मनी की सुविधा प्रदान नहीं करता |

Traders को क्यों होता है नुक्सान ?

शेयर मार्किट में ज्यादातर लोग केवल दुसरो के या फिर न्यूज़ चैनल बताये हुए ही स्टॉक्स ही खरीदते है और खुदकी कोई रणनीति नहीं बना पाते और इसका फायदा ब्रोकर्स उठाते है जो उनको गलत जानकारियां देते है और निवेशक अपना नुक्सान करा बैठता है ये ज्यादातर वह निवेशक होते है जिनके पास या तो समय नहीं होता या फिर उनको पैसे कमाने की जल्दी होती है कि वह Technical Analysis ही नहीं सीखते और भावनाओ और लालच में बहकर अपना ही नुक्सान कर देते है |

Stock Trading करने का क्या है सही तरीका ?

ट्रेडिंग में 99% प्रतिशत लोग मुनाफा नहीं कमा पाते तो बचे 1% प्रतिशत लोग ऐसा क्या करते है जिससे वह सफल हो जाते है | तो इसका जवाब बेहद सरल है वह दुसरो की बजाये खुद के अनुभवों से सिखकर अपनी रणनीति बनाकर ट्रेड लेते है वह पहले अपना अध्ययन करते हुए अपने कौशल को बढ़ाते है तब मार्किट में आते है |

वही दूसरी तरफ ज्यादातर लोग gossips ,news और ब्रोकर के कहने पर ट्रेड लेते है और खुद की न तो कोई रणनीति बनाते न ही अपने कौशल को बढ़ा पाते वो छोटी सी बात नहीं समझ पाते अगर tips देनें वाले इतने ही सच्चे होते तो वह खुद ही पैसा नी बना लेते और कोई आपको फ्री में टिप्स और अपना समय क्यों देगा | कहने का तात्पर्य है पहले कौशल बढ़ाओ तभी मार्किट में आओ |

Stock Trading कैसे शुरू की जा सकती है ?

स्टॉक मार्किट में ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास तीन तरह के अकाउंट होने की जरुरत है –

  1. Demat Account
  2. Trading Account
  3. Saving Account

Demat Account

डीमैट अकाउंट क्या होता है  -डीमैट अकाउंट वह अकाउंट होता है जिसमे आपके शेयर्स Dematerialized फॉर्म में रखे जाते है जिसे आप भोतिक रूप से देख नहीं सकते | शेयर्स खरीदने के बाद शेयर्स digitally रूप से डीमैट अकाउंट में रख लिए जाते है और शेयर्स बेचने के बाद वहा से निकालकर ख़रीदार के डीमैट अकाउंट में रख दिए जाते है | Zerodha में Demat अकाउंट कैसे खोले ?

Trading Account

ट्रेडिंग अकाउंट वो होता है जहा से आपके शेयर्स के पैसो का लेन देन किया है आप अगर कोई शेयर्स खरीदते है तो उन शेयर्स को खरीदने के पैसे आपके Trading account से निकाले लिए जाते है और ट्रेडिंग अकाउंट वह पैसा आपके सेविंग अकाउंट से निकालता है ठीक इसी प्रकार शेयर्स बेचने पर शेयर्स से मिले हुए पैसे आपके ट्रेडिंग अकाउंट में रख लिए जाते है जिसे आप अपने सेविंग बैंक अकाउंट में कभी भी ट्रांसफर कर सकते है | विस्तार में जानने के लिए आप हमारी ट्रेडिंग अकाउंट क्या होता है वाली पोस्ट को देख सकते हो |

Saving Account

शेयर्स के पैसो का लेन देन केवल आपके ट्रेडिंग अकाउंट से किया जाता है इसलिए आपको अपने बैंक सेविंग अकाउंट को ट्रेडिंग अकाउंट से लिंक करने की जरुरत पड़ती है जरुरी नहीं है की आपको नया सेविंग अकाउंट ही खुलवाना पड़े आप अपने पुराने  सेविंग अकाउंट भी लिंक करवा सकते है और जब शेयर्स खरीदने होते है तब  शेयर्स खरीदने का पैसा आपके बैंक अकाउंट से सीधा ट्रेडिंग अकाउंट में स्थानांतरित कर दिया जाता है और ट्रेडिंग अकाउंट में पड़े पैसो को आप कभी भी अपने सेविंग अकाउंट में स्थानांतरित कर सकते है |

Conclusion

दोस्तों स्टॉक मार्किट ट्रेडिंग पैसे कमाने का एक अच्छा और नियमित तरीका है लेकिन इसके लिए आपको Technical Analysis का आना बेहद जरुरी है | बिना अध्ययन के ट्रेडिंग में पैसा लगाना जुआ खेलने के बराबर ही है कृपया यह गलती न करे | इन्वेस्टिंग हो या ट्रेडिंग यहाँ पर 90% फीसदी योगदान स्किल्स और अनुभव का ही होता है और केवल 10% फीसदी ही आपकी किस्मत का योगदान रहता है |

आशा है आपको हमारी यह पोस्ट समझ में आयी होगी अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है |

 

Yogesh Singh

नमस्कार दोस्तों, मैं Yogesh , Investmantra (इंवेस्टमंत्रा ) का Author & Founder हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक Computer Graduate हूँ. मुझे Finance से सम्बंधित नयी नयी चीज़ों को सिखने के साथ साथ भारत सरकार की विभिन्न योजनाओ के बारे में दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है. मेरा 'उद्देश्य' है की भारत के प्रत्येक नागरिक को finance की knowledge होनी चाहिए |

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